गीता सार

जो हुआ वह अच्छा हुआ

जो हो रहा है वह भी अच्छा ही हो रहा है

और जो होगा वह भी अच्छा ही होगा।

तुम्हारा क्या गया जो तुम रोते हो?

तुम क्या लाए थे जो तुमने खो दिया?

तुमने क्या पैदा किया था जो नाश हो गया?

तुमने जो लिया, यहीं से लिया।

जो दिया, यहीं पर दिया।

आज जो कुछ आपका है, पहले किसी और का था।

और भविष्य में किसी और का हो जाएगा।

परिवर्तन ही संसार का नियम है।

Gita Saar in Hindi — Amrit Vani